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Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 114, Verse 7

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 114, verse 7 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 114 · श्लोक 7

संस्कृत श्लोक

इच्छामात्रमविद्येह तन्नाशो मोक्ष उच्यते । स चासंकल्पमात्रेण सिद्धो भवति राघव ॥ ७ ॥

हिन्दी अर्थ

लेता है। उक्त मोक्ष एकमात्र संकल्प के अभाव से सिद्ध होता हे