Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 117, Verse 1

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 117, verse 1 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 117 · श्लोक 1

संस्कृत श्लोक

श्रीराम उवाच । कीदृश्यो भगवन्योगभूमिकाः सप्तसिद्धिदाः । समासेनेति मे ब्रूहि सर्वतत्त्वविदांवर ॥ १ ॥

हिन्दी अर्थ

श्रीरामचन्द्रजी ने कहा : भगवन्‌, सिद्धि देनेवाली सात योगभूमिकाएँ कैसी हैं, हे सर्वतत्त्ववेत्ताओं में श्रेष्ठ मुनिजी, यह सब मुझसे संक्षेप में कहिए

सर्ग सन्दर्भ

एक सौ सोलहवाँ सर्ग समाप्त एक सौ सत्रहवाँ सर्गं ज्ञानभूमि के भेदं के उपोद्घातरूप से सात प्रकार की अज्ञानभूमिका का प्रसंगतः वर्णन ।