Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 21, Verse 37
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 21, verse 37 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 21 · श्लोक 37
संस्कृत श्लोक
न ब्रह्मजगतामस्ति कार्यकारणतोदयः ।
कारणानामभावेन सर्वेषां सहकारिणाम् ॥ ३७ ॥
हिन्दी अर्थ
ब्रह्म और जगतों की कारणता और
कार्यता नहीं हो सकती है, क्योकि सम्पूर्ण सहकारी कारणों का अभाव है