Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 27, Verse 7

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 27, verse 7 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 27 · श्लोक 7

संस्कृत श्लोक

लीलोवाच । मृतस्य भर्तुर्जोवोऽसौ यत्र राज्यं करोति मे । तत्राहं किं न तद्दृष्टा दृष्टास्मीह सुतेन किम् ॥ ७ ॥

हिन्दी अर्थ

लीला ने कहा : देवीजी, मेरे मृत पति का जीव जहाँ पर राज्य करता हे, वहाँ पर मुझे उन लोगों ने क्यों नहीं देखा, जैसा कि यहाँ पर मेरे पुत्र ने मुझे देखा इसका क्या कारण है ?2