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Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 34, Verse 1

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 34, verse 1 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 34 · श्लोक 1

संस्कृत श्लोक

श्रीवसिष्ठ उवाच । अथ राज्ञां युयुत्सूनां भटानां मन्त्रिणामपि । नभसः प्रेक्षकाणां च तत्रेमाः प्रोदगुर्गिरः ॥ १ ॥

हिन्दी अर्थ

श्रीवसिष्ठजी ने कहा : वत्स श्रीरामचन्द्रजी, वहाँ युद्ध लिप्त राजाओं, युद्धेच्छु योद्धाओं, मन्त्रियों और आकाशमार्ग से संग्राम को देखने वाले देव, गन्धर्व आदि के मुँह से ये वचन प्रादुर्भूत हुए

सर्ग सन्दर्भ

तैंतीसवाँ सर्ग समाप्त चोंतीसवाँ सर्ग संग्राम दर्शकों के मुँह से प्रकारान्तर से पुनः युद्ध के ही चमत्कार का वर्णन ।