Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 34, Verse 21
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 34, verse 21 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 34 · श्लोक 21
संस्कृत श्लोक
आदिवं रचिताकाराः कुन्तकाननकान्तयः ।
वीराणां स्वर्गमारोढुमिव सोपानपङ्क्तयः ॥ २१ ॥
हिन्दी अर्थ
भालों
के समूहों की प्रभाएँ मानों वीरों के स्वर्ग में चढ़ने के लिए बनाई गई स्वर्ग पर्यन्त फैली हुई
सीढ़ियाँ हैं