Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 36, Verse 50
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 36, verse 50 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 36 · श्लोक 50
संस्कृत श्लोक
युते महीधरशतैरथाश्वो नाम पर्वतः ।
ततो महार्णवो भीमः पारियात्रगिरिस्तटे ॥ ५० ॥
हिन्दी अर्थ
सैकड़ों पर्वतां से युक्त आश्वनामक पर्वत है, उसके अनन्तर
भयंकर महासमुद्र है, जिसके तट पर पारियात्रनामक पर्वत ह