Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 36, Verse 7
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 36, verse 7 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 36 · श्लोक 7
संस्कृत श्लोक
नरानीकं नरानीकः समायुधमयोधयत् ।
वेण्वोघमिव वेण्वोघो मरुल्लोलो मरुद्वलम् ॥ ७ ॥
हिन्दी अर्थ
जैसे वायु से चंचल बाँसों का समूह वायु से हिलनेवाले बाँसों के समूह के साथ
लड़ता है वैसे ही नरसेना ने अपने समान आयुधवाली नरसेना से लड़ाई की