Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 37, Verse 10
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 37, verse 10 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 37 · श्लोक 10
संस्कृत श्लोक
शूरा दाशपुराः शस्त्रनिकृत्तोदरकन्धराः ।
बाणक्षितिभिराक्रम्य योजिता योजने ह्रदे ॥ १० ॥
हिन्दी अर्थ
बाण की भूमि के लोगों ने दाशपुर के शूरो को, जिनके कन्धे और पेट शस्त्रो से काट
डाले गये थे, जीतकर आठ कोश तक उनका पीछा किया और संयोगवश मार्ग में प्राप्त तालाब
में उन्हें डुबा दिया