Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 37, Verse 11
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 37, verse 11 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 37 · श्लोक 11
संस्कृत श्लोक
दीर्णोदरविनिर्यातस्वान्त्रतन्त्रीनियन्त्रिताः ।
शान्तिकाःशान्तसंचाराः पिशाच्चैश्चर्विता निशि ॥ ११ ॥
हिन्दी अर्थ
विदीर्ण (फाड़े गये) पेट से निकली हुई अपनी अँतड़ीरूपी रस्सियों
में उलझे हुए अतएव मन्दगति हुए शान्तिदेशवासियों को मार्ग के पिशाचों ने चवा डाला