Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 37, Verse 26
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 37, verse 26 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 37 · श्लोक 26
संस्कृत श्लोक
मन्दराहननोड्डीनस्वच्छक्षीरार्णवोदरे ।
वनानीवायुधान्यासञ्छत्रुप्रालेयसानुनि ॥ २६ ॥
हिन्दी अर्थ
वहाँ पर सफेद पोशाक पहने हुए पारसियो के
साथ युद्ध करनेवाले शको के हथियार मन्दर पर्वत के आलोडन से ऊपर को उछले हुए अत्यन्त
स्वच्छ क्षीरसागर के मध्य में मन्दराचल के वनों की नाई दिखाई दिये और दर्शक लोगों को
शत्रुरूपी हिमालय के शिखर में हिमालय के वनों की नाई दिखाई दिये