Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 38, Verse 12
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 38, verse 12 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 38 · श्लोक 12
संस्कृत श्लोक
ततो दुन्दुभयो नेदुः प्रतिध्वनितदिङ्मुखाः ।
महाप्रलयसंशान्तौ पुष्करावर्तका इव ॥ १२ ॥
हिन्दी अर्थ
तदुपरान्त महाप्रलयकी निवृत्ति होने पर
पुष्करावर्तनामक मेघों की नाई दुन्दुभियाँ बजने लगीं, उनके निनाद से सम्पूर्ण दिकृमण्डल
मुखरित हो उठा