Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 38, Verse 46
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 38, verse 46 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 38 · श्लोक 46
संस्कृत श्लोक
कलापकुन्तवलितं भुशुण्डीमण्डलाकुलम् ।
मत्तनागशताकारशवतोमरमुद्गरम् ॥ ४६ ॥
हिन्दी अर्थ
आभूषणं, बाणो, भालं से सारा युद्धस्थल
व्याप्त था, भुशुण्डी के समूहों का वहाँ चारों ओर ढेर लगा था, वहाँ पर सैकड़ों मदोन्मत्त
हाथियों के आकार के मुर्दे और सैकड़ों महान् अजगरों के आकार के तोमर ओर मुद्गर थे