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Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 38, Verse 52

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 38, verse 52 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 38 · श्लोक 52

संस्कृत श्लोक

रक्तस्रोतःस्फुरच्छुक्लवस्त्रडिण्डीरपिण्डकम् । संचारनियतक्षिप्रभृत्यविच्छिन्नमानवम् ॥ ५२ ॥

हिन्दी अर्थ

रुधिर के प्रवाह में चमक रहे सफेद वस्त्र ही वहाँ पर फेन समूह था, चलने के लिए आज्ञप्त ओर शीघ्रता करनेवाले सेवकों द्वारा वहाँ पर मनुष्य पहिचाने जा रहे थे