Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 40, Verse 7
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 40, verse 7 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 40 · श्लोक 7
संस्कृत श्लोक
श्रीराम उवाच ।
कियन्मात्रमिदं स्थूलं शरीरं वाग्विदांवर ।
रन्ध्रेण तन्तुतनुना कथमाश्वाविशत्प्रभो ॥ ७ ॥
हिन्दी अर्थ
श्रीरामचन्द्रजी ने कहा : विद्वन्मूर्ध्न्य, इतना बड़ा चार हाथ का यह स्थूल शरीर
कमल की ताँत के समान सूक्ष्म सुराख से कैसे जल्दी प्रवेश कर गया ?