Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 44, Verse 14
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 44, verse 14 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 44 · श्लोक 14
संस्कृत श्लोक
लीला लीलां ददर्शाथ स्वाकारसदृशाकृतिम् ।
प्रतिबिम्बमिवायातामादर्शे चारुदर्शनाम् ॥ १४ ॥
हिन्दी अर्थ
प्रबुद्ध लीला ने अपनी आकृति के तुल्य आकृतिवाली सुन्दरी लीला को दर्पण में प्रतिबिम्ब को
प्राप्त हुई सी देखा