Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 46, Verse 29
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 46, verse 29 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 46 · श्लोक 29
संस्कृत श्लोक
प्रशेमुः पांसवो रक्तैस्तमांस्यायुधवह्निभिः ।
युद्धैकध्यानतः शब्दा भयानि मृतिनिश्चयैः ॥ २९ ॥
हिन्दी अर्थ
खून के पनालों से धूल
के कण शान्त हो गये और हाथियों के टकराने से उत्पन्न अग्नि से अन्धकार मिट गया, एक
मात्र युद्ध का ही ध्यान करने से अन्योन्य की वाणियाँ शान्त हो गयी और मरने के दृढ़ निश्चय
से भय शान्त हो गया