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Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 46, Verse 30

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 46, verse 30 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 46 · श्लोक 30

संस्कृत श्लोक

अभवत्केवलं युद्धमपशब्दमसंभ्रमम् । अनाकुलाम्बुवाहाभं खड्गवीचिसटांकृतम् ॥ ३० ॥

हिन्दी अर्थ

शब्दशून्य, भ्रमरहित अतएव वायु आदि से आकुलतारहित मेघ के समान केवल युद्ध हुआ, तलवाररूपी लहरों की टंकार ही उसमें सुनाई पड़ती थी