Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 47, Verse 11

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 47, verse 11 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 47 · श्लोक 11

संस्कृत श्लोक

रविर्द्रष्टुमिवाश्चर्यमाजगामोदयाचलम् । चेलुस्तिमिरसंघाता बलानीवारिरूपिणः ॥ ११ ॥

हिन्दी अर्थ

जिन तिमिर संघातो ने (अन्धकार समुदायों ने) रात्रि में (सन्ध्या में) तारों की भाँति राक्षस, पिशाच आदि जीव संघों को वैरिरूपी विदूरथ की सेना की नाई प्रकट किया था, वे न मालूम कहाँ चले गये