Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 48, Verse 47
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 48, verse 47 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 48 · श्लोक 47
संस्कृत श्लोक
अथ कोपाकुलः सिन्धू राक्षसास्त्रं महाभयम् ।
क्षणादुदीरयामास मन्त्रोदीर्णशरात्मकम् ॥ ४७ ॥
हिन्दी अर्थ
तदनन्तर क्रोध से व्याकुल राजा सिन्धुने एक क्षण में महाभयंकर राक्षसारत्र का प्रयोग
किया