Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 49, Verse 11
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 49, verse 11 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 49 · श्लोक 11
संस्कृत श्लोक
विदूरथोऽथ वज्रास्त्रशान्त्यै ब्रह्मास्त्रमत्यगात् ।
ततो ब्रह्मास्त्रवज्रास्त्रे समं प्रशममागते ॥ ११ ॥
हिन्दी अर्थ
तदनन्तर राजा विदूरथ ने वज़ास्त्र
की शान्ति के लिए अन्यान्य अस्त्रों का अतिक्रमण कर ब्रह्मास्त्र का प्रयोग किया उसके
अनन्तर ब्रह्मास्त्र और वज़ास्त्र दोनों एक साथ शान्त हो गये