Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 49, Verse 21
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 49, verse 21 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 49 · श्लोक 21
संस्कृत श्लोक
पिशाचराजी राजानं तस्य यावद्विदूरथम् ।
समाक्रामति तावत्तां मायां स बुबुधे बुधः ॥ २१ ॥
हिन्दी अर्थ
राजा सिन्धु की पिशाचसेना
जब राजा विदूरथ के ऊपर आक्रमण करना चाहती थी, तभी राजा विदूरथ ने, जो बड़ा
बुद्धिमान था, उसे माया जान लिया