Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 49, Verse 22
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 49, verse 22 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 49 · श्लोक 22
संस्कृत श्लोक
पिशाचसंग्रामकरीं मायां वेत्ति स भूमिपः ।
तया पिशाचसैन्यं तत्परसैन्ये न्ययोजयत् ॥ २२ ॥
हिन्दी अर्थ
राजा विदूरथ पिशाचो से संग्राम करने की माया
को जानता था, उस माया द्वारा उसने पिशाचो की उस सेना को शत्रु सेना से भिडा दिया