Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 49, Verse 9
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 49, verse 9 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 49 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
वज्रास्त्रमसृजद्दीप्तं चेरुर्वज्रगणास्ततः ।
पिबन्तोऽद्रीन्द्रतिमिरमग्निदाहमिवाग्नयः ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
तदुपरान्त राजा सिन्धु ने दीप्त वज़ास्त्र की सृष्टि की उससे
जैसे अग्नि लकड़ियों को जला डालती है वैसे ही बड़े-बड़े पर्वतरूपी अन्धकार को गिरा रहे
ववजो के झुण्ड के झुण्ड निकले