Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 53, Verse 17
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 53, verse 17 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 53 · श्लोक 17
संस्कृत श्लोक
तत्र तन्मण्डलं प्राप्य तत्पुरं तच्च मण्डपम् ।
प्रविश्य पुष्पगुप्तस्य शवस्य निकटे स्थिता ॥ १७ ॥
हिन्दी अर्थ
भूमण्डल में राजा पद्म के राज्य में
और उसके नगर में पहुँचकर तत्पश्चात उस मण्डप में प्रविष्ट होकर फूलों से ढके हुए शव के
समीप में बैठ गई