Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 54, Verse 62
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 54, verse 62 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 54 · श्लोक 62
संस्कृत श्लोक
आगन्तव्यो मया नाशः कालेनैतावतेति या ।
पूर्वसंविदिता संविद्याति तच्चोदिता मृतिम् ॥ ६२ ॥
हिन्दी अर्थ
मुझे इतने काल में नाश को प्राप्त होना
चाहिये इस प्रकार की पूर्वजन्म के संकल्प से युक्त ओर नियति द्वारा प्रेरित जो संवित् है,
वह भी नाश को प्राप्त हो जाती है