Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 55, Verse 32
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 55, verse 32 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 55 · श्लोक 32
संस्कृत श्लोक
अयं प्राप्तो यमपुरमहमेष स भूतपः ।
अयं कर्मविचारोऽत्र कृत इत्यनुभूतिमान् ॥ ३२ ॥
हिन्दी अर्थ
मध्यम पापीजनों को यह अनुभव होता है कि यह मैं
यमपुरी में आ पहुँचा, ये सर्वलोकप्रसिद्ध यमराज हैं ओर यहाँ चित्रगुप्त आदिने मेरे कर्मो का
विचार किया