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Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 58, Verse 18

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 58, verse 18 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 58 · श्लोक 18

संस्कृत श्लोक

तदेहि यावल्लीलायै लीले संकल्पलीलया । आत्मानं दर्शयावोऽस्यै व्यवहारः प्रवर्तताम् ॥ १८ ॥

हिन्दी अर्थ

हे लीले, आओ, तबतक अपने सत्य संकल्प के विलास से इस लीला को अपना स्वरूप दिखायें और हमारा मानवोचित व्यवहार प्रवृत्त हो