Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 58, Verse 39
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 58, verse 39 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 58 · श्लोक 39
संस्कृत श्लोक
अथाबभौ कलापूर्णः स राकायामिवोडुराट् ।
भासयन्भुवनं भूरि वदनेन्दुमरीचिभिः ॥ ३९ ॥
हिन्दी अर्थ
ओर मुखरूपी चन्द्रकिरणों से पृथिवी को खूब प्रकाशित करता था