Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 60, Verse 49
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 60, verse 49 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 60 · श्लोक 49
संस्कृत श्लोक
एवंरूपात्कुलाज्जातो राजास्माकमयं त्वसौ ।
कचिता इव वास्तव्यविदो वैदूरथे पुरे ॥ ४९ ॥
हिन्दी अर्थ
इस प्रकार के उच्च कुल से
उत्पन्न हुआ यह हमारा स्वामी है, राजा विदूरथ के नगर के पदार्थ और उनका भोग करनेवाले
लोग मानों इस प्रकार स्फुरित हुए थे