Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 70, Verse 63
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 70, verse 63 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 70 · श्लोक 63
संस्कृत श्लोक
सा दधाना ततं सूत्रमङ्गुष्ठाङ्गुलिपीडिता ।
आन्त्रतन्तुमिवामान्तमुद्गिरन्ती निरीक्षते ॥ ६३ ॥
हिन्दी अर्थ
अँगूठे की अंगुली से दबाई गई ओर लम्बे सूत्र को धारण कर रही वह सूची भीतर
न समा रही अँतड़ियों को बाहर उगलती हुई-सी दिखाई देती है