Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 74, Verse 19
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 74, verse 19 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 74 · श्लोक 19
संस्कृत श्लोक
इति वातेरितः शक्रः सहदेवगणेन सः ।
जगाम ब्रह्मणो लोकं प्रार्थयामास तं विभुम् ॥ १९ ॥
हिन्दी अर्थ
इस प्रकार वायु के अनुरोध से इन्द्र देवताओं के साथ ब्रह्मलोक में गये, वहाँ
जाकर उन्होने भगवान् ब्रह्मा की प्रार्थना की