Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 74, Verse 21
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 74, verse 21 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 74 · श्लोक 21
संस्कृत श्लोक
एतावताथ कालेन सा बभूवातिपावनी ।
सूची निजतपस्तापतापितामरमन्दिरा ॥ २१ ॥
हिन्दी अर्थ
इतने समय में (सात हजार वर्षो में) वह सूची अति
पवित्र हो गई थी, उसने अपने तप के ताप से देवलोक को सन्तप्त कर दिया था