Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 76, Verse 16
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 76, verse 16 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 76 · श्लोक 16
संस्कृत श्लोक
बह्वन्नपशुलोकौघद्रव्यशष्पौषधामिषम् ।
अनन्तमूलपानान्नमृगकीटखगादिकम् ॥ १६ ॥
हिन्दी अर्थ
उसमें अन्न, पशु, जन-समुह, धन, हरे
तृण, ओषध ओर मांस प्रचुर मात्रा में था, असंख्य कन्दमूल, पेय वस्तु, मृग, कीट, पक्षी
आदि की भी कमी नहीं थी