Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 78, Verse 21
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 78, verse 21 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 78 · श्लोक 21
संस्कृत श्लोक
तामवेक्ष्य महावीरौ तथैवाक्षुभितौ स्थितौ ।
न तदस्ति विमोहाय यद्विविक्तस्य चेतसः ॥ २१ ॥
हिन्दी अर्थ
उसको देखकर वे
महाबलशाली राजा ओर मन्त्री पूर्ववत् बिना किसी क्षोभ के खड़े रहे | ऐसी कोई वस्तु नहीं है,
जो कि सत्य ओर मिथ्याका विवेक रखनेवाले के चित्त को मोह में डाल सके