Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 79, Verse 30
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 79, verse 30 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 79 · श्लोक 30
संस्कृत श्लोक
बीजं द्रुमतयेवाशु द्रुमो बीजतयेव च ।
स्वमेकमजहदूपमुदेत्यनुदितोऽपि कः ॥ ३० ॥
हिन्दी अर्थ
उदित होता है ?