Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 81, Verse 28
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 81, verse 28 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 81 · श्लोक 28
संस्कृत श्लोक
यादृक्कज्जलनीहारे मेघनीहारयोर्भवेत् ।
तादृक्प्रकाशतमसोर्भेदो नेति तयोः स्थितिः ॥ २८ ॥
हिन्दी अर्थ
काला कुहरा छा जाने पर यह मेघ है, ऐसा
व्यवहार होता है, अतः मेघ ओर कुहरे मेँ जितना भेद होता हे प्रकाश ओर तममे भी उतना ही
भेद हे, उनका स्वतः कोई भेद नहीं हे, यही वस्तुस्थिति है