Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 84, Verse 13
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 84, verse 13 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 84 · श्लोक 13
संस्कृत श्लोक
अविचारात्कुतो भेदो नैतयोरुपपद्यते ।
यतःकुतश्चिदुदितः स विचारेण नश्यति ॥ १३ ॥
हिन्दी अर्थ
किसी अविचार से उत्पन्न हुआ भेद इन में उपपन्न (प्राप्त) नहीं हो सकता,
क्योंकि जिस किसी कारण से भ्रान्तिवश उत्पन्न हुआ भेद विचार से नष्ट हो जाता हे