Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 84, Verse 26
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 84, verse 26 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 84 · श्लोक 26
संस्कृत श्लोक
सर्वमेकमनाद्यन्तमविभागमखण्डितम् ।
इति ज्ञास्यसि सिद्धान्तं काले बोधमुपागतः ॥ २६ ॥
हिन्दी अर्थ
हे श्रीरामचन्द्रजी, समय आनेपर बोध को प्राप्त हुए आप परमतत्त्व आदि और अन्त से
रहित, विभागशून्य, एक अखण्ड ओर सर्वात्मक है, ऐसा जानेंगे