Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 89, Verse 9
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 89, verse 9 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 89 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
तस्मिन्नेव पुरे षिङ्गः षिङ्गप्रकरशेखरः ।
इन्द्रनामा परः कश्चिद्धीमान्विप्रकुमारकः ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
उसी
नगर में सम्पूर्ण विटों में श्रेष्ठ ओर विटविद्यामें कुशल इन्द्रनामक कोई विट ब्राह्मणकुमार रहता
था