Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 90, Verse 10
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 90, verse 10 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 90 · श्लोक 10
संस्कृत श्लोक
अथ व्यसनसंसक्तौ मृगयोनिमुपागतौ ।
ततो द्वावपि संसक्तौ भूयो जातौ विहंगमौ ॥ १० ॥
हिन्दी अर्थ
तदनन्तर दृढ
विषयराग से बंधे हुए वे दोनों मृगयोनि में गये, तदनन्तर वे दृढ़ विषयराग से बद्ध होने के कारण
फिर पक्षी हो गये