Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 91, Verse 11
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 91, verse 11 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 91 · श्लोक 11
संस्कृत श्लोक
कल्पयामि बहून्याशु भूतजालानि भास्कर ।
तत्त्वमेवाशु भगवन्प्रथमो मे मनुर्भव ॥ ११ ॥
हिन्दी अर्थ
हे भास्कर, मैं शीघ्र अनेक प्राणियों के समूहों की रचना करता हूँ,
इसलिए हे भगवन्, आप ही शीघ्र मेरे पहले मनु होइए