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Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 91, Verse 31

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 91, verse 31 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 91 · श्लोक 31

संस्कृत श्लोक

जडाजडं मनो विद्धि संकल्पात्म बृहद्वपुः । अजडं ब्रह्मरूपत्वाज्जडं दृश्यात्मतावशात् ॥ ३१ ॥

हिन्दी अर्थ

इस प्रकार जडाजड विरूद्धस्वभाव होने से भी मन मायिक ही है, ऐसा कहते हैं। संकल्परूपी विपुलाकार मन को जड ओर अजड-स्वरूप जानिए, ब्रह्मरूप होने के कारण वह अजड है और दुश्यरूप होने से जड़ हे