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Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 94, Verse 14

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 94, verse 14 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 94 · श्लोक 14

संस्कृत श्लोक

तदुक्ता तादृशारम्भा राजसात्यन्ततामसी । भुक्तजन्मसहस्रा तु योत्पत्तिर्ब्रह्मणो नृणाम् ॥ १४ ॥

हिन्दी अर्थ

ग्यारहवीं जीवजाति को कहते हैं । कल्प के आदि में हिरण्यगर्भमें मनुष्यों की जो उत्पत्ति है, जिसमें अनेकों जन्म भोगे गयें हों और मोक्ष दूसरे कल्पमें होनेवाला हो, उसे महर्षियोंने तामसी उत्पत्ति कहा है