Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 94, Verse 15
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 94, verse 15 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 94 · श्लोक 15
संस्कृत श्लोक
चिरमोक्षा हि कथिता तामसी सा महर्षिभिः ।
तज्जन्मनैव मोक्षस्य भागिनी चेत्तदुच्यते ॥ १५ ॥
हिन्दी अर्थ
बारहवीं को कहते हैं।
वह तामस उत्पत्ति यदि तामस जन्म से ही मोक्षकी भागिनी हो ओर तामस फल प्राप्त
करानेवाले उपासना आदि कर्मो से शोभित होनेवाली हो, तो उसे जानकार विद्वान लोग
तामससत्वा कहते हैं