Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 94, Verse 19
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 94, verse 19 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 94 · श्लोक 19
संस्कृत श्लोक
संदिग्धमोक्षा तदसौ प्रोच्यतेऽत्यन्ततामसी ।
सर्वा एताः समायान्ति ब्रह्मणो भूतजातयः ॥ १९ ॥
हिन्दी अर्थ
जिसकी परिपूर्णता
कुछ प्रचलित हुई है, ऐसे समुद्र से जैसे लहरें उठती हैं, वैसे ही ये सम्पूर्ण भूतजातियाँ ब्रह्म से
उत्पन्न हुई है