Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 94, Verse 20
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 94, verse 20 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 94 · श्लोक 20
संस्कृत श्लोक
किंचित्त्प्रचलिता भोगात्पयोराशेरिवोर्मयः ।
सर्वा एव विनिष्क्रान्ता ब्रह्मणो जीवराशयः ॥ २० ॥
हिन्दी अर्थ
अपने तेज से जिसका कलेवर चंचल हुआ है, तेजःस्वरूप दीपक से
जैसे किरणें निकलती हैं, वैसे ही ये सभी जीवराशियाँ ब्रह्म से ही निकली हैं