Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 94, Verse 25
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 94, verse 25 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 94 · श्लोक 25
संस्कृत श्लोक
कटकाङ्गदकेयूरयुक्तयः कनकादिव ।
सर्वा एवोत्थिता राम ब्रह्मणो जीवराशयः ॥ २५ ॥
हिन्दी अर्थ
जैसे निर्मलकान्तिवाले झरने से
जलबिन्दु निकलते हैं वैसे ही सभी जीवराशियाँ ब्रह्म से उत्पन्न हुई हैं