Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 94, Verse 28
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 94, verse 28 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 94 · श्लोक 28
संस्कृत श्लोक
सीकरावर्तलहरीबिन्दवः पयसो यथा ।
सर्वा एवोत्थिता राम ब्रह्मणो दृश्यदृष्टयः ॥ २८ ॥
हिन्दी अर्थ
हे
श्रीरामचन्द्रजी, जैसे सूर्य के तेजसे मृगतृष्णाकी नदियाँ उत्पन्न होती हैं वैसे ही सम्पूर्ण
दृश्यसृष्टियाँ ब्रह्म से ही उत्पन्न हुई हैं