Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 95, Verse 24
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 95, verse 24 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 95 · श्लोक 24
संस्कृत श्लोक
पक्षेणानेन भगवन्भवता जन्मकर्मणोः ।
तिरस्कृता जगज्जाता साऽविनाभावितैतयोः ॥ २४ ॥
हिन्दी अर्थ
भगवन्, आपने इस सहोत्पत्ति पक्षसे इन जीव और कर्मो की जगत्
में प्रमाणो द्वारा प्रसिद्ध परस्पर हेतुफलता का तिरस्कार कर दिया है